चालीहा महोत्सव का 12 वां दिन भक्तों की उमंग एवं खुशियों से भरे माहौल में भजन एवं भोजन के भंडारे के साथ सम्पन्न

चालीहा महोत्सव का  12 वां दिन, भक्तों की उमंग एवं खुशियों से भरे माहौल में भजन एवं भोजन के भंडारे के साथ सम्पन्न

उदर भरण के कारणे भटकत काहिं अजान, त्यागे चिंता पेट की भजन करो भगवान

चिंता भोजन वसन की टेऊँ करते काहिं,हरि विश्वम्भर दे सबहिं क्या तुम देवहिं नाहिं*

   ..... स्वामी टेऊँराम कृत शान्ति के दोहे 

धमतरी _ टीम आइस ऑफ छत्तीसगढ़ _धमतरी नगर के स्वामी टेऊँरामनगर में स्थित श्री प्रेम प्रकाश आश्रम में आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज के 140 वें जन्मोत्सव के अवसर पर  चालीहा महोत्सव का आज 12 वां दिन भक्तों की उमंग एवं खुशियों से भरे माहौल में भजन एवं भोजन के भंडारे के साथ सम्पन्न हुआ संत जी ने आचार्य प्रवर की अमरापुर वाणी का भजन *तजो पेट की चिंता प्यारा सबका प्रभु है पालनहारा* को गाकर आचार्यश्री के इस भजन में दिए गए सन्देश का बखूबी बखान करते हुए कहा कि जैसा कि आप सभी को ज्ञात ही है कि इस सृष्टि की रचना ईश्वर के द्वारा की गई है अतः वही जलचर थलचर नभचर सभी प्रकार के जीवों का पालनहारा है जिस कारण उस हरि को विश्वम्भर भी कहा जाता है सम्पूर्ण जगत को वही संचालित कर सबका पालन कर रहा है जीवों के पालन पोषण में आवश्यक भोजन वस्त्र एवं निवास देने की जिम्मेदारी वह खूब अच्छे से निभाता है जन्म के पूर्व बालक का दूध पहले से ही तैयार  है, देत कण कीट को हस्ति को बहु भार है बैठे बिठाये अजगर को भी देत आहार है चींटी को आवश्यक भोजन कणों में  एवं हाथी को आवश्यक भोजन टनों में माने जिसको जितना चाहिए उतना प्रभु उसे देता है प्रभु ने मनुष्य के लिए अन्न पशुओं के लिए घास सर्प को पवन एबं माटी, शेर के लिए मास,पक्षियोंके लिए नाना प्रकार के फलों की व्यवस्था की है  कहत टेऊँ इस वचन को दिल अंदर धारो सभी, भूख में पुनि दूख में विश्वास ना हारो कभी, लेवो ईश्वर का आधारा क्योंकि सबका प्रभु है पालनहारा, इसलिए भरण पोषण की चिंता से मुक्त होकर भगवान का भजन करो इसी में संसार का सारा सुख समाया हुआ है



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