धमतरी में सट्टे पर ढीली पकड़! पड़ोसी जिलों में कार्रवाई तेज, यहां अब भी खाली ‘खाता’

धमतरी में सट्टे पर ढीली पकड़! पड़ोसी जिलों में कार्रवाई तेज, यहां अब भी खाली ‘खाता’

             राजेश चावला

धमतरी_ आइस  ऑफ छत्तीसगढ़ _आईपीएल सीजन के साथ ही जहां पूरे प्रदेश में ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है, वहीं धमतरी जिले में अब तक ठोस कार्रवाई का अभाव सवाल खड़े कर रहा है। पड़ोसी जिलों में पुलिस लगातार सट्टेबाजों पर शिकंजा कसते हुए कई “विकेट” गिरा चुकी है, लेकिन धमतरी में पुलिस अब भी “प्रैक्टिस मोड” में नजर आ रही है।खास कर साइबर सेल आईपीएल के इस फटाफट क्रिकेट सीजन में जिले में सट्टे का कारोबार बेलगाम होता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, क्रिकेट सट्टे में दो हजार से लेकर लाखों रुपए तक की आईडी खुलेआम बांटी जा रही है। इसके साथ ही मटका सट्टे का कारोबार भी तेजी से फल-फूल रहा है। और इस काले कारोबा का पैसा जमीन के काम में लगा कर सटोरिए  काला धन सफेद कर रहे,बताया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार में कई लोग कम समय में ही “रोडपति से करोड़पति” बन गए हैं। वहीं जिम्मेदार एजेंसियां “सब ठीक है” की तर्ज पर बैठकों तक सीमित नजर आ रही हैं। खास कर साइबर सेल 

हालांकि जिले के पुलिस कप्तान लगातार सट्टा-जुआ पर लगाम लगाने के निर्देश दे रहे हैं और सख्त कार्रवाई के आदेश भी जारी किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अधीनस्थ अमला इन निर्देशों को प्रभावी तरीके से लागू नहीं कर पा रहा है.....दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर पुलिस अन्य जिलों से गुम मोबाइल बरामद करने में सफलता हासिल कर रही है, वहीं जिले में खुलेआम चल रहे क्रिकेट सट्टे, मटका और जुए के कारोबार पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।वह भी तब तकनीकी लिहाज से जिले को लाखों रुपए का सर्व  सुविधा युक्त साइबर थाना मिला हुआ है ताकि साइबर अपराध पर लगाम लगाई जा सके ......सूत्रों के मुताबिक, शहर में सक्रिय सट्टा सिंडिकेट दिन-प्रतिदिन मजबूत होता जा रहा है। युवाओं की भागीदारी भी इसमें तेजी से बढ़ रही है और आईडी रेवड़ियों  की तरह बांटना जारी है। दुर्ग रोड क्षेत्र  के युवाओं द्वारा वर्षों से मटका सट्टा चलाए जाने की चर्चा भी सामने आ रही है। बताया जाता है कि पहले जो लोग बड़े सटोरियों के लिए रकम के लेन-देन का काम करते थे, वे अब खुद “मास्टर आईडी” लेकर लाखों रुपए की आईडी बेच रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक एजेंसी को पूरी जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना कई तरह के संदेह पैदा करता है। हाल ही में एक बार फिर पुलिस कप्तान ने सभी थानों को जुआ और सट्टे पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ऐसे में अब देखना होगा कि इस बार ये निर्देश जमीनी स्तर पर लागू होते हैं या फिर पुराने खाईवालों के साथ नए सटोरिए भी इसी तरह पनपते रहेंगे।

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