बगरूमनाला में सलेरिया नदी, सेदुर नदी का अस्तित्व खतरे पर, जारी है रेत का काला खेल, दोनों नदियों में चैन मशीन,चौहान, शैलेन के साथ दो तथाकथित पत्रकार सक्रिय

बगरूमनाला में सलेरिया नदी, सेदुर नदी का अस्तित्व खतरे पर, जारी  है रेत का काला खेल, दोनों नदियों में चैन मशीन,चौहान, शैलेन के साथ दो तथाकथित पत्रकार सक्रिय 


                     राजेश चावला 

धमतरी। सिहावा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बगरूमनाला में इन दिनों अवैध रेत खनन ने गंभीर रूप ले लिया है। सलेरिया और सेदुर नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ता नजर आ रहा है। बीते दो महीनों से शाम ढलते ही शुरू होकर सुबह तक सैकड़ों हाईवा के जरिए रेत का अवैध परिवहन जारी है। पुलों के नीचे और वन क्षेत्र तक से मशीनों के जरिए नदी की धारा को नुकसान पहुंचाते हुए खनन किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार विभाग सब कुछ जानते हुए भी चुप्पी साधे हुए हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद न तो स्थानीय प्रशासन और न ही खनिज विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई होती दिख रही है। दिन के समय औपचारिक निरीक्षण कर सब कुछ सामान्य होने की रिपोर्ट ऊपर भेज दी जाती है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।

जनप्रतिनिधि की चुप्पी सवालो के घेरे में

स्थानीय जनप्रतिनिधियों की खामोशी भी कई सवाल खड़े कर रही है। छोटे-छोटे मुद्दों पर सक्रिय रहने वाले जनप्रतिनिधि इस गंभीर मामले में चुप हैं,  जिससे क्षेत्र में ‘भेंट-पूजा’ की चर्चाएं भी जोर पकड़ रही हैं। जबकि जिला कलेक्टर द्वारा अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।

दो तथाकथित पत्रकार बेहद सक्रिय , बन बैठे अवैध रेत घाट के सप्लायर

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे अवैध कारोबार में कुछ तथाकथित पत्रकारों की भूमिका भी सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, ये लोग न सिर्फ खनिज माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं, बल्कि “सेटिंग” का भरोसा दिलाकर मोटी हिस्सेदारी भी ले रहे हैं। और जिले के सभी खबर वासियों के नाम से धन अर्जित कर रहे .....बताया जा रहा है कि कार्रवाई नहीं होने का आश्वासन देकर ये लोग अवैध कमाई में बराबर के भागीदार बने हुए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी यह भी है कि पहले एक-दूसरे के खिलाफ बोलने वाले ये कथित पत्रकार अब आर्थिक लाभ के लिए एकजुट होकर इस नेटवर्क का हिस्सा बन गए हैं। इनके कुछ ऑडियो भी क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं, जिनमें कथित तौर पर लेन-देन और संरक्षण की बातें सामने आ रही हैं।

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