आईपीएल क्रिकेट सट्टा,छोटे अदने सटोरिए बस गिरफ्त में बड़ी मछलियां बेखौफ कर रहे संचालन, करोड़ों का रोजाना हवाला , ओला ev में घूम घूम कर तो मुख्य चौक चौराहों पर हवाला का काला खेल जारी
राजेश चावला
आइस ऑफ छत्तीसगढ़_ धमतरी जिले में आईपीएल क्रिकेट सट्टे का अवैध कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। सूत्रों की मानें तो शहर में छोटे सटोरियों पर कार्रवाई कर पुलिस सिर्फ खानापूर्ति करती नजर आ रही है, जबकि बड़े खाईवाल और सिंडिकेट संचालक बेखौफ होकर करोड़ों के नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। शहर के जागरूक नागरिकों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई अधिकतर छोटे खिलाड़ियों तक सीमित रहती है, जिनके पास से महज कुछ हजार रुपए बरामद होते हैं, जबकि असली नेटवर्क आज भी खुलेआम सक्रिय है।
शहर में पांच बड़े सिंडीकेट सक्रिय
सूत्रों के अनुसार धमतरी में करीब पांच बड़े क्रिकेट सट्टा सिंडिकेट सक्रिय हैं, जो रोजाना करोड़ों रुपए के लेन-देन को अंजाम दे रहे हैं। हवाला के जरिए रकम का आदान-प्रदान शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और चिन्हांकित स्थानों पर किया जा रहा है। सूत्र बनाते है कि कुछ लोग ओला ईवी गाड़ियों में घूम-घूमकर नगद कलेक्शन और हवाला ट्रांजैक्शन का काम कर रहे हैं।
एक सिडनकेट ऐसा, जिसमें काम बड़ा, कद काठी छोटी
लगातार क्रिकेट सत्ता अपने सबाब पर चल रहा है जिस पर लोग हर एक गेंद पर लाखों करोड़ों का सट्टा लगा रहे वह भी अपने मोबाइल में ली है आई डी पर ,इस आई डी का संचालन जिले के युवा बड़ी संख्या में कर रहे ,पहले शोक के नाम पर किया रहने वाला यह अवैध व्यवसाय अब कई रोड पतियों के लिए करोड़ पति बनाने का सुनहरा अवसर बन गया है इन्हीं में एक सिंडिकेट दुर्ग रोड के कम काठी वाले सटोरियों का है जो लंबे समय से इस कारोबार से जुड़ हुवे है बाकायदा हवाला का काम करने वाले यह सिंडिकेट अब छोटे पंछी से बुकी बनकर खाईवाल कर रहे , इनका कॉन्फिडेंस ऐसा है कि खुद चौक चौराहों पर कहते फिर rahe की उनके सिंडिकेट पर बड़े बड़े लोगो का हाथ है जिसे कोई नहीं रोक सकता, उन पर कार्यवाही की बात ही दूर की है .......जहां एक ओर कई सटोरिए जमीदोज हो चुके, हालांकि सिंडिकेट के दूसरे पंछी उनके नगद लेन देन को चालू रखे हुवे है ....तो वही यह टिंगू मास्टर खुले आम आई डी बांटने ....रकम लेन देन कर रहे , जिससे इनके ऊपर के सेटिंग की बात सच ही साबित होती महसूस हो रही
खुला खेल,बस जिम्मेदारों के आंखों में पट्टी, सवाल लाजमी है आखिर क्यों?
स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय आम है कि शहर में कौन कौन सट्टे का कारोबार चला रहा है, इसकी जानकारी आम नागरिकों को तक है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक बड़े नेटवर्क तक नहीं पहुंच पाया है। हाल ही में रायगढ़ में हवाला नेटवर्क से जुड़े लोगों के पास से करोड़ों की नगदी बरामद होने के बाद धमतरी में भी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। वहीं कार्यवाही के लिए बनी जिम्मेदार संस्थाओं साइबर पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि कार्रवाई के लिए गठित टीम के कुछ सदस्य पुराने खाईवालों और सट्टा संचालकों के संपर्क में बताए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शहर में इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।


0 Comments