“सेटिंग” के दम पर चल रहा सट्टे का खेल? धमतरी में सिस्टम पर उठते बड़े सवाल

 “सेटिंग” के दम पर चल रहा सट्टे का खेल? धमतरी में सिस्टम पर उठते बड़े सवाल

             प्रतीकात्मक फोटो 

राजेश चावला 

धमतरी। जिले में अवैध क्रिकेट सट्टा और मटका कारोबार अब किसी छिपे हुए नेटवर्क का हिस्सा नहीं रह गया है, बल्कि खुलेआम “सेटिंग” के दावों के साथ फलता-फूलता नजर आ रहा है। हालात ऐसे हैं कि सटोरिए बेखौफ होकर ग्राहकों को जोड़ रहे हैं और कार्रवाई से पूरी तरह बेपरवाह दिखाई दे रहे हैं।

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शहर के चौक-चौराहों, ढाबों और अंदरूनी इलाकों तक फैले इस नेटवर्क की चर्चा आम हो चुकी है। बताया जा रहा है कि सट्टे की आईडी सहित अंकों का सट्टा खुलेआम उपलब्ध कराई जा रही है और मोबाइल फोन के जरिए सीधे संपर्क कर लोगों को इस जाल में जोड़ा जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे खेल में शामिल लोग खुद ही अपनी “मजबूत पहुंच” और “ऊपर तक सेटिंग” का दावा ढाबों  में करते नजर आ रहे ।

सूत्रों के अनुसार, शहर के दुर्ग  मार्ग  इलाके से जुड़े  दो कम  कादी के चेहरे इन दिनों तेजी से उभरकर सामने आए हैं। कभी हवाला का कारोबार  करने वाले खुद खाईवाल बनकर मटका सट्टा का संचालन तो कर हो रहे साथ ही हवाले के रकम के साथ शहर के चिन्हांकित भू माफियों के साथ रहकर क्रिकेट सट्टे का कारोबार कर रहे ,या यूं कहे कि छोटे स्तर से जुड़े ये लोग अब कथित तौर पर बड़े नेटवर्क का हिस्सा बन चुके हैं। उनकी आर्थिक गतिविधियों में अचानक आई तेजी, महंगे संसाधनों की उपलब्धता कई  गंभीर सवाल खड़े कर रही है।पिछले दिनों शहर से लगे एक नामचीन  ढाबे में एक चेहरे द्वारा कोयला खदानों में लाखों रुपए की कीमत वाली चार वाहन जिसकी कीमत करोड़ों में चली जाती है को लगाने के दावा सहित 70 लाख की कीमत की चैन माउंटेन मशीन को लेने और उसके जरूरत पड़ने पर किराए पर देने का दावा खुले रूप से करते सुना गया,जिसे खुले रूप से करते कई लोगों ने सुना देखा ।

अब सवाल सीधा और बड़ा है क्या जिम्मेदार तंत्र को यह सब दिखाई नहीं दे रहा, या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं

एक तरफ पुलिस बाहरी अपराधियों को पकड़ने में तेजी दिखाती है, तो दूसरी ओर शहर के भीतर खुलेआम चल रहे इस कारोबार पर लगाम न लग पाना कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

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