आइस ऑफ छत्तीसगढ़ की खबर का बड़ा असर महिला पंचायत पदाधिकारियों के काम में पति परिजन के हस्तक्षेप पर पूरी तरह से बैन!
धमतरी _ टीम आइस ऑफ छत्तीसगढ़_ महिला जनप्रतिनिधियों के नाम पर उनके पति, भाई, पिता या अन्य रिश्तेदारों द्वारा हठधर्मिता और दबदबा बनाने की घटनाओं को आइस ऑफ छत्तीसगढ़ ने लगातार उजागर किया था।खासकर धमतरी जिले में यह स्थिति भयावह हो चुकी थी ,जहाँ कई महिला पंचायत पदाधिकारियों के ‘श्रीमान और रिश्तेदार’अफसरों को निर्देशित कर रहे थे,ठेकेदारों पर दबाव बना रहे थे,और पंचायतों के हर फैसले पर कब्जा जमा चुके थे।इस खुलासे का बड़ा असर हुआ है।
धमतरी जिला पंचायत ने जारी किया कड़ा आदेश
लगातार बढ़ती शिकायतों और मीडिया रिपोर्टों के बाद जिला पंचायत धमतरी ने सोमवार को सख्त आदेश जारी किया है।अब पंचायत के किसी भी स्तर पर—ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या जिला पंचायत—महिला जनप्रतिनिधियों के कार्यों में किसी भी पुरुष रिश्तेदार की दखलंदाजी पूरी तरह प्रतिबंधित है।
आदेश में साफ कहा गया है कि पंचायत के दस्तावेज़,बैठकों में उपस्थिति,फाइलों पर हस्तक्षेप,स्थानीय ठेकेदारों पर दबाव,या अधिकारियों पर अनधिकृत निर्देश अब “श्रीमान संस्कृति” के नाम पर बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
धमतरी में लगातार मिल रही थीं शिकायतें — रिश्तेदार बन गए थे ‘सुपर बॉस’
आइस ऑफ छत्तीसगढ़ की पड़ताल में सामने आया था कि श्री मति के नाम पर श्री मान सारा प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण संभाल रहे थे। अनेक मामलों में तो ठेकेदारो पर श्री मान रौब झाड़ कर अपना उल्लू सीधा कर रहे थे , वही अधिकारियों पर भी यह ऐसे बरस पड़ते मानो इन्हें किसी सुपर पावर ने हर तरह के फैसले लेने अधिकृत किया हो , मन मार कर अधिकारी ठेकेदार इनकी बर्बरता के शिकार हो रहे थे , उगाही से लेकर हिस्सेदारी का कला खेल मानो इनके लिए आम बात हो गई हो ,इनके कई ओडियो वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुवे थे ।
अब नियम तोड़ा तो होगी कार्रवाई
नए आदेश के बाद यदि किसी पंचायत में कोई पुरुष रिश्तेदार महिला जनप्रतिनिधि की जगह बैठकों में बैठता पाया गया,दस्तावेज़ों में दखल देता मिला,या कामकाज को निर्देशित करता पाया गया,तो जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करनी होगी।कार्रवाई पंचायत राज अधिनियम के तहत होगी, जो काफी सख्त प्रावधान रखता है।
यह आदेश महिलाओं को सिर्फ ‘चेहरा’ नहीं रहने देगा।
अब निर्णय लेना,फील्ड निरीक्षण,फाइल नोटिंग,ठेके आवंटन,और पंचायत बैठकों में नेतृत्व महिला जनप्रतिनिधियों को ही करना होगा।
आइस ऑफ छत्तीसगढ़ की रिपोर्टिंग के बाद प्रशासन सक्रिय
धमतरी प्रशासन ने आदेश में सीधे यह स्वीकार तो नहीं किया,लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि पिछले दिनों में खासकर आइस ऑफ छत्तीसगढ़ ने महिला जनप्रतिनिधियों के नाम पर जारी दखलंदाजी और दबंगई के कई मामले उजागर किए थे। इन्हीं रिपोर्टों को आधार मानते हुए,अब प्रशासन ने यह कड़ा कदम उठाया है।
ग्रामीण इलाकों में अब ‘श्रीमानीयत’ नहीं चलेगी
जिला पंचायत के आदेश के बाद स्पष्ट है कि धमतरी जिले की पंचायतों में अब ‘श्रीमानी शासन’ या ‘परिजन तंत्र’का दौर खत्म होगा। महिलाओं को मिले अधिकार बराबर सम्मान और वास्तविक उपयोग के साथ अब जमीन पर दिखाई देंगे। साथ ही बेबस हो जाने वाले ठेकदारों अधिकारियों के लिए यह आदेश राहत देने वाला आदेश माना जा रहा ।


0 Comments