पार्ट _002_नगर पंचायत में पार्षद–CMO की जुगलबंदी, 13 दिन बाद भी नहीं खुला टेंडर
धमतरी _टीम आइस ऑफ छत्तीसगढ़_ जिले की एक नगर पंचायत में नियम–कानूनों को ताक पर रखकर काम किए जाने का मामला सामने आया है। यहां एक युवा पार्षद और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) की कथित साठगांठ के चलते करोड़ों नहीं तो लाखों रुपये के निर्माण कार्य संदेह के घेरे में आ गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पंचायत में जारी एक निर्माण कार्य का टेंडर 4 नवंबर को खोला जाना था, लेकिन 17 नवंबर तक......यानी तय तारीख के 13 दिन बाद भी टेंडर नहीं खोला गया। इस देरी को लेकर ठेकेदारों और आमजन में भारी असंतोष देखा जा रहा है।
चैम्बर में तय हो रहा ठेके का खेल
सूत्रों का दावा है कि नगर पंचायत कार्यालय में CMO के चैम्बर में बैठकर एक पार्षद के साथ यह तय किया जा रहा है कि टेंडर किस ठेकेदार को दिया जाए और किन बाहरी ठेकेदारों को प्रक्रिया से बाहर किया जाए। इसके लिए निविदा दस्तावेजों में कथित खामियां निकालने की रणनीति भी बनाई जा रही है।
धमकी के ऑडियो वायरल
सूत्रों के अनुसार टेंडर प्रक्रिया में शामिल कुछ ठेकेदारों को फोन पर धमकी दी गई कि यदि उन्होंने प्रतिस्पर्धा जारी रखी तो उन्हें कार्य नहीं करने दिया जाएगा। इन धमकियों से जुड़े कुछ ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की भी जानकारी सामने आई है।
पहले भी चहेतों को मिला काम
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी नगर पंचायत में लाखों रुपये के कार्य सीमित ठेकेदारों को दिए गए थे। एक कथित सिंडिकेट बनाकर लगातार उन्हीं ठेकेदारों को कार्य आवंटित किए जाने के आरोप लगते रहे हैं।
टेंडर निरस्त करने की तैयारी?
सूत्रों का कहना है कि मामला उजागर होने के बाद अब विभाग द्वारा तकनीकी खामियों का हवाला देकर टेंडर निरस्त करने की तैयारी की जा रही है। यदि ऐसा होता है, तो पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।
सुशासन पर सवाल
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा नगरीय निकायों में पारदर्शिता और जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद नगर पंचायत में हो रही कथित अनियमितताएं शासन के दावों पर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही हैं।अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

0 Comments