हड़बड़ी में गड़बड़ी! वैध धान को अवैध बताकर विशेष टीम ने दिखाई ‘पावर’
धमतरी _ टीम आइस ऑफ छत्तीसगढ़ _धमतरी जिले के अंतिम छोर बोरई के धान व्यापारी के साथ हुई कार्रवाई अब बड़े सवालों के घेरे में है। पूरा मामला धान से भरी टाटा अल्ट्रा गाड़ियों के जप्त होने का है, जबकि वाहनों के पास मंडी अनुज्ञा सहित सभी वैध दस्तावेज मौजूद थे। बावजूद इसके उड़न दस्ता नगरी की टीम ने दोनों गाड़ियों को अवैध बताते हुए जप्त कर लिया।
संदेह की वजह बना रास्ता,दस्तावेज और वजन
संदेह की वजह बना रास्ता, दस्तावेज और वजन अधिकारियों का कहना था कि धान जिस राइस मिल में जाना था, वहां तक पहुंचने का सीधा रास्ता बोराई चेकपोस्ट से होकर है, लेकिन वाहन दूसरे रास्ते से लाया गया, जो “संदेह के दायरे” में आता है। वहीं मंडी अनुज्ञा मोबाइल में PDF के रूप में होने पर भी शक जताया गया।
महज कुछ क्विंटल ही अतिरिक्त धान
जांच के दौरान धान का वजन करवाया गया, जिसमें एक वाहन में 12 क्विंटल और दूसरे में 11 क्विंटल धान अधिक पाया गया। इस पर टीम ने बिना व्यापारी की बात सुने वाहनों को जब्त कर सिहावा थाने में खड़ा कर दिया।
व्यापारी की दलीलें—पर किसी ने नहीं सुना व्यापारी के मुताबिक—
वह लाइसेंस प्राप्त धान व्यापारी है।
छोटे किसानों से वजन में अंतर स्वाभाविक होता है, इसलिए अनुमान के आधार पर मंडी अनुज्ञा कटाई गई।
ओवरलोड धान के पांच गुना टैक्स देने को भी तैयार था।
बोराई चेकपोस्ट में ‘वैध धान’ पर भी रोक लगाई जा रही थी, इसलिए मजबूरी में दूसरा रास्ता चुना।
फिर भी कार्रवाई क्यों? वैध दस्तावेजों और मानवीय त्रुटि के बावजूद फ्लाइंग स्क्वॉड ने व्यापारी की एक नहीं सुनी। सवाल यह उठता है कि क्या यह कार्रवाई नियमों के नाम पर सिर्फ “कुर्सी की ताकत” दिखाने के लिए हुई? क्या विभागीय मंशा में पारदर्शिता नहीं रही?
इलाके में रोष, व्यापारी असमंजस में
इलाके में रोष, व्यापारी असमंजस में इस घटना के बाद धान व्यापारियों में नाराज़गी बढ़ गई है। अब व्यापारी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और छोटे किसानों से धान खरीदने में जोखिम देख रहे हैं। इससे स्थानीय बाजारों में धान खरीदी पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
सख्ती जरूरी पर बिना दोष के दोषी बनाना भी मनमानी
जहां नियम जरूरी हैं, वहीं वैध व्यापार को अवैध बताकर दंडित करना सिर्फ हड़बड़ी में गड़बड़ी जैसा प्रतीत होता है। सवाल यही है—कानून की ताकत किसानों और व्यापारियों की रक्षा के लिए है या किसी की वाहवाही के लिए?
बॉर्डर से होती है अवैध धान की आवक, अवैध को पकड़िए जनाब, वैध को अवैध करना कितना सही
धमतरी कलेक्टर द्वारा जिले धान खरीदी को सुचारु रूप से संपादित करने , सहित अवैध धान की जिले में रोक हेतु जांच दल बनाए है जो लगातार जिलाधीश की मंशा अनुसार कार्य भी कर रहे, इस ने कोई दोराय नहीं की उड़ीसा के रास्ते लंबे समय से अवैध धान को लाने का खेल जारी रहा है जिसे रोकने जिलाधीश द्वारा दल गठित किया गया पर जांच दल द्वारा अवैध धान को पकड़ना छोड़ वैध धान को अवैध घोषित करने लगे हुवे है जिससे जांच दल की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए है ।



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