पत्रकारिता की आड़ में रेत-मुरूम का काला कारोबार!
“हमसे मटेरियल लो, नहीं तो खिलाफ में खबर चलेगी” — जिले में दो तथाकथित पत्रकारों का आतंक
आइस ऑफ छत्तीसगढ़_ टीम नगरी_ धमतरी जिले में पत्रकारिता की साख को दागदार करने वाले दो तथाकथित पत्रकार इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। खुद को जिले का बड़ा मीडिया चेहरा बताकर ये दोनों कथित सप्लायर खुलेआम यह कहते घूम रहे हैं कि “
जिले के सभी पत्रकार हमारे इशारे पर चलते हैं, हमसे मटेरियल लो, नहीं तो खिलाफ में समाचार चल जाएगा।” इनके इसी दबंगई भरे रवैये से क्षेत्र के ठेकेदार, सप्लायर और अधिकारी भी असहज नजर आ रहे हैं.......
सूत्रों के अनुसार अंधेरा होते ही सफेद रंग की कार में सवार होकर ये दोनों “रंगा-बिल्ला” नगरी मार्ग से बगरूमनाला क्षेत्र की दो नदियों तक पहुंचते हैं, जहां से अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर सप्लाई का खेल संचालित किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि हर गाड़ी के पीछे 2500 से 3000 रुपए तक का मार्जिन वसूला जा रहा है। वहीं नगरी बेल्ट में करोड़ों रुपए की लागत से चल रहे लाइनिंग और एनीकेट निर्माण कार्यों में भी मुरूम और गिट्टी सप्लाई का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया गया है।......जानकारी यह भी सामने आ रही है कि एक मंदिर के बाजू स्थित क्षेत्र में
चैन माउंटेन मशीन लगाकर मिट्टीनुमा मुरूम की अवैध खुदाई की जा रही है। रोजाना सैकड़ों ट्रिप रेत और मुरूम की सप्लाई कर शासन को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा है। आरोप है कि दोनों कथित पत्रकार दूसरे लोगों के नाम का सहारा लेकर अधिकारियों और ठेकेदारों को यह भरोसा दिलाते हैं कि उनके रहते किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होगी।सबसे गंभीर बात यह है कि गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों को संरक्षण देने और अवैध उत्खनन के इस पूरे खेल में मीडिया का नाम इस्तेमाल कर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। इससे न केवल पत्रकारिता की गरिमा प्रभावित हो रही है, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।जिले के कई जागरूक नागरिकों और बुद्धिजीवियों ने अब इस पूरे मामले की शिकायत राजधानी रायपुर स्थित उच्च कार्यालयों में करने की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि अवैध रेत-मुरूम कारोबार, फर्जी दबाव और कथित पत्रकारिता की आड़ में चल रहे सप्लाई नेटवर्क से जुड़े दस्तावेज और प्रमाण भी एकत्र किए जा रहे हैं।
क्षेत्र में चर्चा है कि लंबे समय से मुखौटा पहनकर जेब गर्म करने वाले इन दोनों तथा कथितो का जल्द ही पर्दाफाश हो सकता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन ऐसे कथित पत्रकार-सप्लायरों पर क्या कार्रवाई करता है, जो अवैध कारोबार का साम्राज्य खड़ा करने में जुटे हुए हैं।
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