समरथ को नहीं दोष गोसाईं, रिटायर अधिकारी के बेटे पर न कोई शिकायत न कोई संज्ञान,यह कैसा सिस्टम उठ रहे सवाल
धमतरी 31 अगस्त _ राजेश चावला_ क्या आपने कभी शासकीय सिस्टम में अलग अलग तरह की कार्यवाही देखी,या सुनी है ,देखी सुनी होगी चुकी यह सब सम्भव हो पाता है , सिस्टम को फॉलो करवाने वाले जिम्मेदार द्वारा, जब किसी आम नागरिक , समान्य व्यक्ति द्वारा नियम कायदों को तोड़ा ( ब्रेक ) किया जाता है तो नियम को लागू करने वाले, आम नागरिक (सामान्य व्यक्ति) पर नियम कायदे को ध्वस्त करने के आरोप में कार्यवाही कर अपनी पीठ थपथपाते है , जिसका बखान भी पूरे जोर शोर से मीडिया के माध्यम से कर लिया जाता है , पर ठीक इसके विपरीत जब कोई घटना दुर्घटना किसी हाई प्रोफाइल लोगों से उनके करीबी रिश्तेदार या परिवार से जुड़े व्यक्ति से होती है, तो यही जिम्मेदार ठीक नियम कायदे के विपरीत अपनी बगले झांकते हुवे ,मामले में इति श्री या छुटपुट दिखावे की कार्यवाही कर मामले को रफा दफा कर लेते है,यह सब हम क्यों लिख रहे तो जरा समय से थोड़ा पीछे आपको लिए चलते है
बीती रात ( 30 अगस्त ) दिन शुक्रवार की रात्रि शहर के बांबे गैरेज रोड में रत्नाबांधा से जगदलपुर की तरफ आ रही तेज रफ्तार इनोवा कार डिवाइडर (,pwd विभाग के अधीनस्थ) को तोड़ते हुवे, चकनाचूर करते हुए दो बिजली के पोल (नगर निगम के अधीनस्थ) आते हैं दोनों पोलो को तोड़ते हुए सड़क के दूसरी ओर मतलब रॉन्ग साइड में जाकर चन्द्रा बैटरी शॉप की दीवार से जा टकराई, इस घटना में इनोवा कार के सामने का हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया वहीं कार संचालक युवक को हल्की चोट आई ,जिसे एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्रारंभिक इलाज कर युवक को छुट्टी दे दी गई,याने घर सकुशल भेज दिया गया, गनीमत रही जब यह हादसा हुआ उस समय सड़क के दूसरे छोर में कोई वाहन या राहगीर का आगमन नहीं रहा वरना जिस स्पीड से डिवाइडर को तोड़ दो बिजली के पोल को धराशाही कर कार बांबे गैरेज की एक शॉप की दिवाल से टकराई तो एक बड़ा हादसा( जनहानि ) निश्चित मानी जाती, बहरहाल कोई जनहानि नहीं हुई ।
घटना के 18 घंटे बाद भी कोई शिकायत नहीं हुई दर्ज
सड़क दुर्घटना के 18 घंटे गुजर जाने के बाद भी इस घटना में किसी तरहर का कोई शिकायत या अपराध कोतवाली थाने में दर्ज नहीं हुआ है , कोतवाली थाना प्रभारी राजेश मराई के अनुसार कोई शिकायत अब तक दर्ज नहीं कराई गई, जिससे किसी भी तरह की कार्यवाही का मामला नहीं बनने की जानकारी कोतवाली थाना प्रभारी ने फोन के माध्यम से दी , सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कार संचालक शराब के नशे में चूर होने की जानकारी प्राप्त हुई, ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर शराब के नशे में चूर युवक तेज रफ़्तार कार चला कर आम जनमानस की जान के साथ खिलवाड़ नहीं कर रहा था,क्या शराब पी कर तेज रफ़्तार कार चलाना दुर्घटना को घटित करना किसी अपराध ड्रिंक एंड ड्राइव की श्रेणी में नहीं आता?
दो शासकीय विभाग की संपत्ति को नुकसान,विभाग बने हुवे बेखबर, कोई शिकायत नहीं की दर्ज
जिस स्थान पर यह घटना हुई और जिन शासकीय संपत्तियों को तेज रफ्तार कर चालक में नुकसान पहुंचा उन दोनों विभागों द्वारा अब तलक किसी भी तरह की कोई भी शिकायत थाने में दर्ज नहीं कराई नहीं ही विभागों ने घटना स्थल का मुआयना कर छती का आकलन किया है, यहां नियम बताता है कि किसी भी शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर विभाग द्वारा शिकायत दर्ज कराई जाती है ताकि शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचा गए संबंधित व्यक्ति के द्वारा उस पूरे नुकसान की भरपाई की जाए, साथ ही इस तरह के कृत्य और इस तरह की घटनाओं पर भी लगाम लग सके , इसके विपरीत पीडब्ल्यूडी विभाग और नगर निगम द्वारा किसी भी तरह की शिकायत घटना के 18 घंटे गुजर जाने के बाद भी नहीं की गई, जिससे यह साबित होता है कि विभाग सामान्य व्यक्तियों पर ही कार्रवाई कर लेने में तत्परता दिखाते हैं वहीं पर जब मामला हाई प्रोफाइल हो तो ऐसे में विभाग भी अनजान बनकर चुप्पी साधे रहते है
रिटायर शासकीय अधिकारी के बेटे ने दिया घटना को अंजाम
आइस ऑफ छत्तीसगढ़ की टीम को मिली जानकारी के अनुसार घटना को अंजाम देने वाला युवक रिटायर शासकीय अधिकारी का सुपुत्र है जो इस पूरी घटना के दौरान कार को चला रहा था शायद यही वह वजह रही होगी, जो घटना के 18 घंटे गुजरने के बाद भी दो विभाग की सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने के बाद भी अब तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई, न ही अब तक कोई पुलिस केस दर्ज हो पाया ।





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