खुल के चल रहा सरकारी चावल के हेरा फेरी का खेल ,आखिर लगाम लगाएगा कौन ,उठ रहे सवाल

 


धमतरी 27 जुलाई _ धमतरी शहर के तीन उचित मूल्य की दुकानों में सेल्समैन की मौजूदगी में ही तीन चावल माफिया गरीबों को मिलने वाले राशन की हेराफेरी करने  में लगे हुए हैं , बकायदा  हितग्राहियों के शहर के ही तीन चावल माफिया *हरि, कपिल ,हेमंत* बकायदा नगद रकम की गड्डी लेकर राशन दुकान में पहुंचने वाले हितग्राहियों से  सोसाइटी में सीधा चावल खरीद लेते है , सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार खरीदा  जाने वाल चावल की कोई तौल सेल्समैन नहीं करता है, बकायदा राशन दुकान में डेरा जमा कर बैठे चावल माफिया और उनके गुर्गे हितग्राही को चावल बेचने की बात कहते हैं, जिस पर सहमति बनते ही हितग्राही  राशन कार्ड नंबर और अपने फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर तय किए गए प्रति किलो चावल की ऊपर की राशि लेकर चले जाते है , यहां यह बताना लाजमी है कि चावल माफिया द्वारा हितग्राही से खरीदी गई चावल की कोई भी कॉल सेल्समैन नहीं करता बकायदा रजिस्टर के बाजू में रखे एक सादे कागज में चावल माफिया या उसके गुर्गे का नाम राशन कार्ड हितग्राही का नाम और लिए गए राशन के भजन की एक प्रतिलिपि सूची बनाई जाती है, जिसका पूरा हिसाब दिनभर के पूरे इस तरह के कार्य को अंजाम देने के बाद शाम में चावल माफिया या उसका गुर्गा सेल्समैन से करता है और शाम होते ही खरीदेगा चावल को अपनी तीन पहिया ऑटो या चार पहिया मालवाहक वाहन में लोड करके राइस मिल की तरफ ले जाया जाता है जहां पर माफिया राइस मिल को राशन दुकान से लाए गए चावल को काटा करा कर ऊंचे दामों में बेचकर मोटी रकम कमाई जाती है, ऐसा नहीं है कि इस पूरे कारोबार की जानकारी संबंधित विभाग को नहीं है पर विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने से विभाग की कार्यशैली पर भी कई सवाल खड़े होते आ रहे हैं और हो रहे हैं

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