धमतरी 30 मई _ छत्तीसगढ़ प्रदेश में शायद धमतरी ऐसा जिला है जहां भूमाफिया पूरी तरह से बेलगाम होकर अत्र तत्र खेतिहर जमीनों में मुरूम के रास्ते बिछाकर अवैध प्लाटिंग करने के खेल में लगे हुए, जिसे रोकने के लिए राजस्व विभाग नगर निगम टाउन एंड कंट्री विभाग पूरी तरह से असफल साबित हो रहे हैं , इसलिए विभागों के कई कारनामे उजागर होते जा रहे हैं, ताज़ा कारनामा जिले के जोधापुर वार्ड का है, जिस अवैध प्लाटिंग रोकने के लिए जमीन की खरीदी-बिक्री पर नगर निगम आयुक्त ने रोक लगाई थी, सेटिंग के चलते वहां की ज्यादातर जमीन तुकड़ों में बिक चुकी है। आयुक्त ने पुलिस विभाग को भी इस मामले में प्लाटिंग करने वाले के खिलाफ एफआईआर के लिए पत्र लिखा था। मामला विवेकानंद कालोनी गली नम्बर 3 से लगी जमीन का है। यहां पर एक मैरिज ग्राउंड के पीछे खुलेआम प्लाटिंग हो रही थी।
करीब दो माह पहले नगर निगम आयुक्त विनय कुमार पोयाम ने इस पर संज्ञान लेते हुए निरीक्षण किया। अवैध प्लाटिंग पर जेसीबी चलाकर मुरुम भी जब्त किया गया। प्लाटिंग के इस खेल को रोकने के लिए श्री पोयाम राजस्व विभाग को पत्र लिखकर इसकी रजिस्ट्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा था। यही नहीं इस प्लाटिंग में संलिप्त तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर करने के लिए पत्र भी लिखा था। विडंबना यह है कि इस मामले में कार्रवाई होने के बजाय भू माफिया को खुला संरक्षण दिया जा रहा है। राजस्व विभाग द्वारा बाकायदा जमीन का नक्शा-खसरा जारी कर दिया गया। पंजीयन विभाग द्वारा तुकड़ों में जमीन की रजिस्ट्री भी कर दी गई है। आयुक्त की माने तो निगमायुक्त ने पुलिस को भी f.i.r. करने के लिए पत्र लिखा था पर पुलिस विभाग ने इस मामले में एक्शन ही नहीं लिया।
लिख था पत्र
मैने इस मामले में राजस्व विभाग को पत्र लिखा था। यदि रजिस्ट्री हो गई होगी तो इसे संज्ञान में लिया जाएगा। एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को भी पत्र लिखा गया था।
विनय कुमार पोयाम, आयुक्त नगर निगम
सिविल कोर्ट होगी प्रक्रिया
इस मामले में खसरा नम्बर आदि की जांच करके ही आगे कुछ कहा जा सकता है। रजिस्ट्री हो गई होगी तो आगे की कार्रवाई सिविल कोर्ट के आदेश पर निर्भर करेगी।
सुशील कुमार देलहरी_



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