धमतरी शिक्षाकर्मी फर्जी भर्ती घोटाला – गिरफ्तारी एवं अदालती कार्रवाई,15 दिन की पुलिस रिमांड

धमतरी शिक्षाकर्मी फर्जी भर्ती घोटाला – गिरफ्तारी एवं अदालती कार्रवाई
 


धमतरी _ टीम आइस ऑफ छत्तीसगढ़ _ धमतरी जिले में 2007 में हुई फर्जी शिक्षा कर्मी भर्ती मामले में मगरलोड पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जिला  सत्र न्यायालय में पेश किया है, जहां से कोर्ट ने आरोपियों को 15 दिन की पुलिसर  रिमांड पर भेज दिया है, लंबे समय बाद तीन लोगों की गिरफ्तारी से घोटाले को अंजाम  देने वालो में हड़कंप मच गया है , तो वही माना जा रहा जी जल्द अन्य  लोगों की गिरफ्तारी भी की जानी है ।

 बता दे कि धमतरी जिले के मगरलोड जनपद पंचायत अंतर्गत वर्ष 2007 में शिक्षाकर्मी वर्ग-3 की भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं। शिकायतों के आधार पर वर्ष 2011 में मगरलोड थाना में दो एफआईआर दर्ज की गईं।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि फर्जी डिग्री, अनुभव प्रमाण पत्र और खेल प्रमाण पत्रों का उपयोग कर नियुक्तियाँ की गई थीं। स्वीकृत 150 पदों की जगह 172 पदों पर भर्ती की गई तथा चयन व छानबीन समितियों द्वारा अपने पारिवारिक सदस्यों को लाभ पहुँचाने जैसी गड़बड़ियाँ उजागर हुईं।

सीआईडी जांच के बाद धमतरी पुलिस को मिली डायरी 

आरटीआई कार्यकर्ता  कृष्कुमार की शिकायत पर सीआईडी रायपुर द्वारा जांच की गई। जांच के उपरांत जुलाई 2022 में पूर्व जनपद पंचायत सीईओ कमला कांत तिवारी को भिलाई से गिरफ्तार किया गया। इस प्रकरण में लगभग 94 शिक्षाकर्मी नामजद किए गए, जिनमें से कई की सेवाएँ समाप्त की गईं।

अदालती कार्यवाही 

अदालती कार्रवाई के अंतर्गत 10 शिक्षाकर्मियों को दोषी करार देते हुए न्यायालय ने 5 वर्ष सश्रम कारावास एवं प्रत्येक पर ₹25,000 का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का प्रावधान रखा गया है। मुख्य आरोपी कमला कांत तिवारी ने उच्च न्यायालय में अपील दायर की है। वहीं बुधवार को पेशे किए गए तीन आरोपियों को माननीय न्यायालय ने 15 दिन की पुलिस  रिमांड पर भेज दिया है 


तीन को किया गया न्यायालय पेश 

बुधवार् 17 सितंबर को मगरलोड पुलिस ने तात्कालिक चयन कमेटी के जनपद उपाध्यक्ष  कोमल यदु, शिक्षा कर्मी इशू साहू , सीताराम कुर्रे को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है।

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