धमतरी में रेत के काले खेल पर सवाल: हाईवा जब्ती तक सीमित कार्रवाई, भंडारण केंद्रों पर क्षमता से अधिक डंपिंग का आरोप
राजेश चावला
ग्रामीणों के आक्रोश के बाद हरकत में आया प्रशासन
जानकारी के अनुसार सारंगपुरी रेत घाट में कथित तौर पर मशीनों के जरिए रेत परिवहन किए जाने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ी। क्षेत्र की सड़कों की बदहाल स्थिति और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से परेशान ग्रामीणों ने देर रात कार्रवाई करते हुए सारंगपुरी-खरेंगा मार्ग पर कई हाईवा वाहनों को रोक दिया।
बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने 10 से अधिक हाईवा वाहनों को रोककर विरोध जताया। गांव में बढ़ते आक्रोश की सूचना के बाद देर रात तहसीलदार सहित राजस्व, पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और वाहनों की जांच की गई।
दो रातों में आधा दर्जन से अधिक हाईवा जब्त
ग्रामीणों के विरोध के बाद 7 और 8 सितंबर की रात प्रशासन की संयुक्त टीम ने अवैध रेत परिवहन के खिलाफ अभियान चलाया। कार्रवाई में दो रातों के दौरान कुल 6 हाईवा वाहनों को जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। 8 सितंबर की रात 4 हाईवा वाहनों को अवैध रूप से रेत परिवहन करते पकड़ा गया, जबकि 7 सितंबर की रात करीब 2 बजे संयुक्त टीम ने 2 हाईवा वाहनों को जब्त किया था।
भंडारण केंद्रों की जांच कब?
प्रशासन की कार्रवाई में फिलहाल हाईवा वाहनों की जब्ती सामने आई है, लेकिन जिले में संचालित रेत भंडारण केंद्रों को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि घाटों से ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत लाकर विभिन्न भंडारण केंद्रों में जमा की जाती है और बाद में रात के अंधेरे में इन्हीं स्थानों से हाईवा वाहनों के जरिए रेत का परिवहन किया जाता है।
कुरूद क्षेत्र में चार से पांच रेत भंडारण केंद्रों के अलावा अमेठी और सारंगपुरी इलाके में भी रेत भंडारण को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोपों की वास्तविकता सामने लाने के लिए इन भंडारण केंद्रों में उपलब्ध रेत के स्टॉक, स्वीकृत क्षमता, रॉयल्टी और परिवहन दस्तावेजों की जांच जरूरी मानी जा रही है।
रॉयल्टी और दस्तावेजों की जांच पर भी नजर
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर बिना वैध रॉयल्टी अथवा आवश्यक दस्तावेजों के रेत बिक्री और परिवहन का खेल चल रहा है। यदि ऐसा है तो केवल हाईवा वाहनों की जब्ती से कार्रवाई पूरी नहीं होगी, बल्कि संबंधित रेत घाटों और भंडारण केंद्रों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन भी आवश्यक होगा।
अब सवाल यह है कि प्रशासन की कार्रवाई केवल सड़कों पर दौड़ रहे हाईवा वाहनों तक सीमित रहेगी या रेत के पूरे नेटवर्क—घाट से लेकर भंडारण और फिर परिवहन तक—की जांच भी होगी?
फिलहाल प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से अवैध रेत कारोबारियों में हड़कंप जरूर मचा है, लेकिन ग्रामीणों की शिकायतों और रेत भंडारण केंद्रों पर उठ रहे सवालों के बाद आने वाले दिनों में कार्रवाई का दायरा बढ़ता है या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

0 Comments